ट्रम्प ने विदेश जन्म रोकने का आदेश जारी किया, लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता बनाए रखी

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अगस्त को दो नई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर तथाकथित “बर्थ टूरिज़्म” पर सख्ती करने और कुछ विशेष परिस्थितियों में जन्मसिद्ध नागरिकता के दायरे को सीमित करने की कोशिश की है। हालांकि, इससे अमेरिका की जन्मसिद्ध नागरिकता व्यवस्था खत्म नहीं हुई है। महज एक महीने पहले, 30 जून को, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि अवैध या अस्थायी रूप से ठहरे विदेशी नागरिकों से अमेरिका में जन्मे बच्चे सिद्धांततः अमेरिकी नागरिक होते हैं।

व्हाइट हाउस के अनुसार आदेशों के नाम “Ending Birth Tourism” और “Continuing to Protect the Meaning and Value of American Citizenship” हैं। पहला आदेश उन विदेशियों की वीज़ा व प्रवेश जांच को कड़ा करता है जिनका प्रमुख उद्देश्य अमेरिका में आकर प्रसव कराना है। दूसरा आदेश कुछ श्रेणियों के माता-पिता से अमेरिका में जन्मे बच्चों की नागरिकता मान्यता पर अपवाद तय करता है।

कानूनी पृष्ठभूमि में अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन है, जो अमेरिका में जन्मे या नागरिकता ग्रहण करने वालों को, जो अमेरिकी अधिकार-क्षेत्र में आते हैं, नागरिक मानता है। ट्रंप ने 20 जनवरी 2025 को कार्यकारी आदेश 14160 के जरिए इस सिद्धांत पर अंकुश लगाने का प्रयास किया था, पर यह अदालत में अटक गया। सुप्रीम कोर्ट ने Trump v. Barbara प्रकरण में मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स की बहुमत राय में कहा कि अवैध या अस्थायी प्रवासियों के बच्चे भी अमेरिकी अधिकार-क्षेत्र में आते हैं; इस राय से सोनिया सोतोमयोर, एलेना केगन, एमी कोनी बैरेट और केतानजी ब्राउन जैक्सन जुड़ीं।

नए आदेश पुराने प्रयास की तुलना में दायरे को और संकीर्ण बनाते हैं। इनमें उन मामलों को अपवाद माना गया है जब माता-पिता में से कोई नामित विदेशी आतंकवादी संगठन का सदस्य हो, “विशेष रूप से नामित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी” हो, या विदेशी सरकार/दूतावास/वाणिज्य दूतावास का कर्मचारी हो। इसके अतिरिक्त, यदि माता-पिता ने नागरिकता पाने के उद्देश्य से वाणिज्यिक व्यवस्था के तहत अमेरिका में प्रसव कराया हो, या अमेरिकी सरोगेसी का सहारा लिया हो, तो भी अपवाद लागू होगा—यही बिंदु आगे कानूनी विवाद का केंद्र बन सकता है।

“Ending Birth Tourism” आदेश संविधानिक दायरे को बदले बिना प्रवेश-स्तर पर रोक पर जोर देता है। अमेरिकी विदेश विभाग (State Department) और गृह सुरक्षा विभाग (DHS) को वीज़ा या “अन्य यात्रा प्राधिकरण” रद्द/अस्वीकार करने और प्रवेश न देने जैसे उपायों का अधिकार दिया गया है, साथ ही ऐसे बिचौलियों पर कार्रवाई का प्रावधान है। विस्तृत मानदंड इन एजेंसियों के आगामी दिशानिर्देश तय करेंगे।

यह मुद्दा नया नहीं है। ट्रंप के पहले कार्यकाल में 2020 में पर्यटन हेतु बी श्रेणी वीज़ा नियम संशोधित किए गए थे, ताकि यदि वाणिज्य दूत यह मानें कि आवेदक का प्रमुख उद्देश्य बच्चे के लिए अमेरिकी नागरिकता दिलाने हेतु प्रसव कराना है, तो वीज़ा अस्वीकार किया जा सके। अमेरिका का सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) अंततः प्रवेश का निर्णय करता है; मात्र गर्भावस्था प्रवेश-निषेध का आधार नहीं है और CBP वैध यात्रा तथा जन्मसिद्ध नागरिकता के उद्देश्य से की गई यात्रा में फर्क करता है।

कुछ देशों के लिए लागू वीज़ा वेवर प्रोग्राम (VWP) और उसकी इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन प्रणाली (ESTA) पर भी नए निर्देशों का असर पड़ सकता है, क्योंकि आदेश “अन्य यात्रा प्राधिकरण” पर कार्रवाई की छूट देता है। हालांकि, वास्तविक क्रियान्वयन 30 दिनों में आने वाले विभागीय दिशानिर्देशों से स्पष्ट होगा।

निष्कर्षतः, व्हाइट हाउस इसे “बर्थ टूरिज़्म का अंत” बता रहा है, पर मौलिक बदलाव प्रवेश-स्तर पर सख्ती और जन्मसिद्ध नागरिकता के अपवादों को विस्तारित करने के प्रयास में है। यह विस्तार सुप्रीम कोर्ट के Barbara फैसले के साथ किस हद तक संगत है, इसे लेकर आगे न्यायिक समीक्षा की संभावना बनी हुई है।

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