अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 अगस्त 2026 को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर बच्चों के टीकाकरण से जुड़ी संघीय सिफारिशों में व्यापक बदलाव की घोषणा की। नए ढांचे में टीकों को तीन श्रेणियों—सभी बच्चों के लिए समान रूप से सिफारिश, विशिष्ट उच्च-जोखिम समूहों के लिए सिफारिश, और चिकित्सक-परिवार के “साझा नैदानिक निर्णय” से तय होने वाले टीके—में बाँटा गया है। इसमें खसरा-गलसुआ-रूबेला (MMR) के मिश्रित टीके को दीर्घकाल में तीन अलग-अलग टीकों में विभाजित करने की दिशा भी शामिल है, ताकि अभिभावकों की पसंद बढ़े और एक ही दिन में कई टीके लगाने की प्रथा कम हो।
अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (HHS) के अनुसार, सभी बच्चों के लिए सिफारिश श्रेणी में खसरा, गलसुआ, रूबेला, डिप्थेरिया, टिटनेस, काली खाँसी, पोलियो, Hib (हैमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी), न्यूमोकोकल, HPV और वैरिकैला (चेचक) शामिल किए गए हैं। आरएसवी से बचाव के लिए मोनोक्लोनल एंटीबॉडी, हेपेटाइटिस A और B, मेनिंजोकॉकल B व ACWY तथा डेंगू के टीकों को विशेष जोखिम समूहों या आबादी के लिए रखा गया है। हेपेटाइटिस A/B, रोटावायरस, मेनिंजोकॉकल, इन्फ्लुएंजा और कोविड-19 ऐसे टीके हैं जिन पर “साझा नैदानिक निर्णय” के तहत डॉक्टर व माता-पिता बच्चे की स्थिति देखकर फैसला करेंगे।
MMR को अलग-अलग टीकों में बाँटने का प्रस्ताव तुरंत लागू नहीं होगा। अभी अमेरिका में खसरा-गलसुआ-रूबेला के लिए FDA (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) से स्वीकृत संयुक्त टीके M-M-R II और PRIORIX उपलब्ध हैं। अलग-अलग टीकों में बदलाव तभी संभव है जब इनकी आपूर्ति अमेरिका में हो और FDA उनसे संबंधित अनुमोदन दे। आदेश में यह भी कहा गया है कि जहाँ संभव हो, बच्चों के टीके अलग-अलग मुलाकातों में लगाए जाएँ।
यह रुख अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के मौजूदा मार्गदर्शन से अलग है। CDC का मानना है कि एक ही दिन में कई टीके लगाना सुरक्षित है, इससे समय पर प्रतिरक्षा मिलती है और अस्पताल/क्लिनिक की विज़िट घटती हैं। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि नई संघीय सिफारिशें CDC की वार्षिक टीकाकरण समय-सारिणी में किस हद तक परिलक्षित होती हैं।
नीति के शासन-पहलू भी बदले हैं। अमेरिका में स्कूल-प्रवेश के टीका नियम राज्यों के अधीन होते हैं; ट्रंप प्रशासन ने राज्यों व अमेरिकी अधीन क्षेत्रों से नई “गोल्ड स्टैंडर्ड” सिफारिशों के अनुरूप अपने नियमों की समीक्षा को कहा है। न्याय विभाग (DOJ) को यह देखने को कहा गया है कि जहाँ राज्य कानून माता-पिता के अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता या विकलांगजनों की सुविधा से टकराएँ, वहाँ उपयुक्त मुकदमों में संघीय समर्थन दिया जा सके।
HHS के अधीन “सेफर चाइल्डहुड वैक्सीन टास्क फोर्स” को 90 दिनों में योजना पेश करनी है, जिसमें MMR का चरणबद्ध विभाजन, टीकों के क्रम/समय की पुनरावलोकन, एल्युमिनियम के विकल्प रूपी नए एडजुवेंट्स पर शोध और सुरक्षा-प्रभावकारिता तुलना शामिल है। व्हाइट हाउस ने इस दिशा को “गोल्ड स्टैंडर्ड साइंस”—अर्थात पुनरुत्पादकता, पारदर्शिता और हित-संघर्ष प्रबंधन—पर आधारित बताया है।
यह कदम 2025 के अंत में शुरू हुई उस समीक्षा का विस्तार है जिसमें HHS/CDC को अमेरिका और अन्य विकसित देशों की बाल टीकाकरण समय-सारिणियों की तुलना करने को कहा गया था। हालांकि अन्य देशों में कम खुराकें होना बेहतर चिकित्सा का प्रमाण नहीं माना जा सकता, क्योंकि महामारी विज्ञान, स्वास्थ्य प्रणालियाँ और आपूर्ति स्थितियाँ भिन्न होती हैं।
महत्वपूर्ण यह भी है कि यह आदेश टीकों पर प्रतिबंध नहीं लगाता और उपलब्ध टीकों तक पहुँच जारी रहेगी; बदलाव सिफारिश की तीव्रता और निर्णय-प्रक्रिया में है। भारत के पाठकों के लिए संदर्भतः HHS अमेरिका का स्वास्थ्य मंत्रालय-जैसा विभाग है, CDC राष्ट्रीय रोग-नियंत्रण एजेंसी और FDA औषधि-उपकरणों का नियामक। अब निगाहें 90 दिन बाद आने वाली HHS की विस्तृत योजना और उसके बाद CDC की संशोधित समय-सारिणी पर होंगी, जो तय करेगी कि यह नीति जमीनी स्वास्थ्य सेवाओं में कैसे रूप लेती है।



